सूर्य ग्रहण के समय क्या करे, जाने कब से कब तक होगा ग्रहण समय

By | April 9, 2021

सूर्य ग्रहण के समय क्या करे, जाने कब से कब तक होगा ग्रहण समय:– इस साल का सुरते ग्रहण 21 जून 2020 को रविवार को सुबह 10:00 बजे से सरु होगा जो दोपहर 3:05 तक रहेगा रविवार को होने वाले सुरते ग्रहण का सूतक २० जून को रत 10:00 से सरु होगा हिन्दू सनतक धर्म को मानने वाले लोग सूतक लगने पर अपने पूजा गर और मंदिरो के पैट बंद कर देते है जब ग्रहण सूतक समाप्त होने पर लोग अपने मंदिरो को खोलते है और देवी देवता की मूर्तियों को गंगाजल छिड़क कर पवित्र करते है रविवार को साल का पहला सूर्य ग्रहण 500 साल बाद बन रहा है

सूर्य ग्रहण के समय क्या करे, जाने कब से कब तक होगा ग्रहण समय

सूर्य ग्रहण सूतक क्या है ?
हिन्दू धर्म के ज्योतिषाचार्यो के अनुसार ग्रहण के सुरु होने से 12 घंटे का समय सूतक माना जाता है मान्यता है की ग्रहण के दौरान मंदिरो में पूजा नहीं होती है और कोई भी सुबह कार्य नहीं किया जाता है ग्रहण के पूरा होने के बाद ही लोग मंदिरो में पूजा करते है

सूर्य ग्रहण के समय क्या करे, जाने कब से कब तक होगा ग्रहण समय

सूर्य ग्रहण के समय क्या करे, जाने कब से कब तक होगा ग्रहण समय कितना लम्बा होगा सूर्य ग्रहण

सूर्य ग्रहण के समय क्या करे, जाने कब से कब तक होगा ग्रहण समय

कल 21 जून को होने वाला सूर्य ग्रहण ६ घंटे लम्बा होगा जो सुबह 9:15 से दोपहर 12:10 को पूर्ण ग्रहण दिखाई देगा ये ग्रहण 3:05 तक समाप्त होगा इतने लम्बे सूर्य ग्रहण के कारण इसकी पूरी दुनिया में इसकी चर्चा हो रही है
सूर्य ग्रहण के ध्यान रखने योग्य बाटे
सभी बच्चे और बड़े व्यक्ति ग्रहण को अपनी नगी आखो से ना देखे।
यह भी दयँ रखे की घर पर बनाई गई चीजों से इसे न देखे।
ग्रहण के वक्त आकाश की ओर देखने से पहले सोलर फिल्टर चश्मा लगाएं
सूर्य ग्रहण के सूतक काल में आज रात नौ बजे के बाद ही मंदिरों के कपाट बंद हो जाएंगे।

सूर्य ग्रहण के समय क्या करे, जाने कब से कब तक होगा ग्रहण समय

सूर्ये ग्रहण के सूतक का समय

दिल्ली रात 10 बजकर 20 मिनट
मुंबई रात 10 बजकर 43 सेकंड
चेन्नई रात 10 बजकर 22 मिनट
लखनऊ रात 10 बजकर 26 मिनट
कानपुर रात 10 बजकर 24 मिनट
कुरुक्षेत्र रात 10 बजकर 21 मिनट
देहरादून रात 10 बजकर 24 मिनट

सूर्य ग्रहण के समय क्या करे, जाने कब से कब तक होगा ग्रहण समय

ध्यान दे:- धार्मिक ग्रंथो के अनुसार ग्रहण का असर नकारात्मक होता है। ऐसे में सभी मंदिरो के कपाट बंद कर देते है। ग्रहण समाप्त होने के बाद ही मंदिरो को गंगाजल से पवित्र किया जाता है

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